Movie/Album: काबिल (2017)
Music By: राजेश रोशन
Lyrics By: मनोज मुन्तशिर
Performed By: जुबिन नौटियाल
ज़रा-ज़रा नींद भी अजनबी सी हो गयी
ज़रा-ज़रा चैन से दुश्मनी सी हो गयी
तुम मिले खो गया है खुद का ही पता
क्या करूँ क्या नहीं, कुछ बस में ना रहा
समझूँ कैसे कोई ही समझाए
दिल क्या करे जब किसी से
किसी को प्यार हो जाये
जाने कहाँ कब किसी को
किसी से प्यार हो जाये
ऊँची-ऊँची दीवारों सी, इस दुनिया की रस्में
ना कुछ तेरे बस में जाना, ना कुछ मेरे बस में
तुम मिले खो गया...
जैसे पर्बत पे घटा झुकती है
जैसे सागर से लहर उठती है
ऐसे किसी चेहरे पे निगाह रुकती है
रोक नहीं सकती नज़रों को, दुनिया भर की कसमें
तुम मिले खो गया...
Music By: राजेश रोशन
Lyrics By: मनोज मुन्तशिर
Performed By: जुबिन नौटियाल
ज़रा-ज़रा नींद भी अजनबी सी हो गयी
ज़रा-ज़रा चैन से दुश्मनी सी हो गयी
तुम मिले खो गया है खुद का ही पता
क्या करूँ क्या नहीं, कुछ बस में ना रहा
समझूँ कैसे कोई ही समझाए
दिल क्या करे जब किसी से
किसी को प्यार हो जाये
जाने कहाँ कब किसी को
किसी से प्यार हो जाये
ऊँची-ऊँची दीवारों सी, इस दुनिया की रस्में
ना कुछ तेरे बस में जाना, ना कुछ मेरे बस में
तुम मिले खो गया...
जैसे पर्बत पे घटा झुकती है
जैसे सागर से लहर उठती है
ऐसे किसी चेहरे पे निगाह रुकती है
रोक नहीं सकती नज़रों को, दुनिया भर की कसमें
तुम मिले खो गया...
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